धरती शोभा को पाई, रात को फैली जुन्हाई। धरती शोभा को पाई, रात को फैली जुन्हाई।
आज शरद ऋतु का चाँद उतर आया है मेरें आँगन में। आज शरद ऋतु का चाँद उतर आया है मेरें आँगन में।
इस प्रेम का स्मरण करके, आनन्द का अनुभव होता है। इस प्रेम का स्मरण करके, आनन्द का अनुभव होता है।
शीत लहर में भी जी रहे हिमपात खुशी। शीत लहर में भी जी रहे हिमपात खुशी।
शोभा को हैं पाया। शरद काल आया। शोभा को हैं पाया। शरद काल आया।
करो विश्वास जो मेरा, सनम मेरी अमानत हो। करो विश्वास जो मेरा, सनम मेरी अमानत हो।